मुख्यमंत्री ने फुलवरिया जलाशय का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज नवादा जिले के रजौली प्रखंड अंतर्गत हरदिया पंचायत के ग्राम चिरैला स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र छात्रावास के विद्यार्थियों से बातचीत कर पठन-पाठन एवं मिल रही सुविधाओं से अवगत हुए। विद्यालय प्रांगण में आत्मरक्षार्थ कराटे का प्रशिक्षण ले रही छात्राओं से भी मुख्यमंत्री ने बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी मन लगाकर पढ़िए। आप सभी बच्चे भारत के भविष्य हैं। आपकी जो जरूरत होगी, सरकार उसे पूरा करेगी। आप सभी को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। मन लगाकर पढ़िए और आगे बढिए। विद्यार्थियों ने ताली बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने उत्क्रमित उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय प्रांगण में समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, जीविका दीदियों, विद्यार्थियों आदि द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने 137 जीविका स्वयं सहायता समूह को विभिन्न बैंकों के प्रदत्त ऋण से संबंधित 1 करोड़ 29 लाख रुपये का सांकेतिक चेक लाभार्थियों को प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों से संवाद के क्रम में कहा कि आप सभी काफी अच्छा काम कर रही हैं। इससे बिहार की आर्थिक स्थिति में तेजी सुधार हो रहा है। हर क्षेत्र में आप सभी जीविका दीदियां पूरी मेहनत और लगन से काम कर रही हैं। सरकार आपकी हर जरूरतों को ससमय पूरा करने की हर संभव कोशिश करती है। आगे जो भी आवश्यकताएं होंगी उसे भी पूरा किया जाएगा। जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि जीविका स्वयं सहायता समूह से हम सभी का मनोबल काफी बढ़ा है। अब हम सभी महिलाओं को पैसों के लिए परिवार पर निर्भर नहीं होना पड़ता है। आपने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू कराई है। यह हम सभी के लिए काफी वरदान साबित हो रहा है। इसके लिए हम सभी आपके प्रति आभारी हैं। इसी प्रकार आप अपना आशीर्वाद बनाए रखें। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दी जानेवाली वृद्धा / विकलांग / विधवा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये किए जाने, सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट बिजली निःशुल्क दिए जाने, गंगा जल को शुद्ध पेयजल के रूप में घर-घर तक पहुंचाने, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ताओं आदि की मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि किए जाने पर लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य उपकेंद्र-सह-हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटर, हरदिया के परिसर का भ्रमण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जानेवाली चिकित्सकीय सुविधाओं, दवा की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती आदि के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। भ्रमण के क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। अवलोकन के क्रम में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां टेलीमेडिसिन की भी व्यवस्था उपलब्ध है। मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है तथा उन्हें संतुलित आहार लेने सहित हर जरूरी परामर्श दिया जाता है। शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के मानदेय को 8 हजार से बढ़ाकर 16 हजार रुपये किए जाने पर लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने फुलवरिया जलाशय, रजौली में ‘ऊपर बिजली नीचे मछली’ की तर्ज पर लगाए जा रहे 10 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर संयंत्र के प्रगति कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह फुलवरिया जलाशय 30 एकड़ में फैला हुआ है। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा रजौली बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत यहीं से पानी फिल्टर कर आसपास के 90 गांवों के घरों में जल की आपूर्ति की जा रही है, क्योंकि यहां का भू-जल फ्लोराइडयुक्त है, जिसके सेवन से कई प्रकार की बीमारियां होती हैं। मुख्यमंत्री ने फुलवरिया जलाशय में 182 फीश केज वाला आधुनिक मत्स्य पालन मॉडल का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने नवादा जिला के रजौली अंचल में फुलवरिया जलाशय के समीप प्रस्तावित औद्योगिक विकास क्षेत्र के तहत चिन्हित की गई भूमि का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यहां औद्योगिक विकास के लिए 220 एकड़ जमीन उपलब्ध है। यहां आवागमन भी काफी सुगमतापूर्वक से हो सकेगा।

ज्ञातव्य है कि फुलवरिया जलाशय तिलैया नदी पर नवादा जिला के रजौली प्रखंड अन्तर्गत ग्राम हरदिया के समीप अवस्थित है। जिला मुख्यालय से इसकी दूरी लगभग 38 कि०मी० है। फुलवरिया जलाशय का निर्माण वर्ष 1979 में प्रारंभ किया गया, जिसे वर्ष 1988 में पूर्ण कर लिया गया। जलाशय का आवाह क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) 181.30 वर्ग किलोमीटर है। जलाशय 6.38 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है तथा इसमे 8 Spillway द्वार है। जलाशय का Gross Cultrual Command Area 17625 हेक्टेयर है एवं Cultural Command Area 9508 हेक्टेयर है। जलाशय की कुल लम्बाई 1135.00 मीटर, अधिकतम ऊँचाई 25.60 मीटर है। जलाशय में दो आउटलेट दायें एवं बायें है, जिनकी जलश्राव क्षमता क्रमशः 2.35 क्यूसेक एवं 11.35 क्यूसेक है। जलाशय से दायें मुख्य नहर, बायें मुख्य नहर एवं लघु नहरों द्वारा नवादा जिला के रजौली, सिरदला एवं नरहट प्रखंड में सिचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। तिलैया नदी का पानी फुलवरिया जलाशय में संग्रहित होता है। जलाशय के संग्रहित पानी से काफी बड़े भू-भाग पर पटवन होता है। फुलवरिया जलाशय तीन तरफ पहाड़ियों से घिरा है। लिहाजा पर्यटकीय दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है, जो लोगों का अपनी ओर आर्कषित और रोमांचित करता है।

रजौली बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना 109.987 करोड़ लागत से वर्ष 2020 से क्रियान्वित है। इस योजना के सचालन से फ्लोराईड से ग्रसित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत् फुलवरिया जलाशय के पानी को फिल्टर कर 6 जोन में बॉटकर रजौली प्रखंड अन्तर्गत 10 ग्राम पंचायतों के 89 वाडौँ में शुद्ध पेयजल को पहुँचाया जा रहा है, जिसके तहत् 9191 घरों के परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

फुलवरिया जलाशय में राज्य एवं केन्द्र सरकार के द्वारा मत्स्य पालन से सबंधित विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिससे मत्स्य उत्पादन में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। पूर्व में बिहार के जलाशय से औसत मत्स्य उत्पादन 1 कि०ग्रा० प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष था। आज फुलवरिया जलाशय में मत्स्य उत्पादन लगभग 100 कि०ग्रा० प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष है, जो राष्ट्रीय उत्पादन 20 कि०ग्रा० प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष से अधिक है। फुलवरिया जलाशय में आधुनिक जलकृषि पर आधारित केज एवं पेन कल्चर के द्वारा मत्स्य उत्पादन किया जा रहा है।

फुलवरिया बांध पर मेसर्स सूर्यम इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 10 मेगावाट का फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। एजेंसी सौर पैनलों की स्थापना के लिये जलाशय के सतह क्षेत्र का केवल 30 एकड़ क्षेत्र का उपयोग कर रही है और शेष क्षेत्र का उपयोग मत्स्य पालन और अन्य उद्देश्यों के लिये किया जायेगा। पूर्ण रूप से संचालित होने पर यह बिहार का सबसे बड़ा फ्लोटिंग ऊर्जा संयंत्र होगा।रजौली अंचल में औद्योगिक विकास हेतु कुल रकबा 220.48 एकड़ भूमि चिन्हित किया गया है. जिसमें 81 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित है तथा शेष 139.48 एकड़ रैयती भूमि को अधिग्रहण करने की प्रक्रिया प्रारंभ है।

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