
नवादा जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, 2025 की गतिविधियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में उप निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी गई है कि बिहार राज्य में आगामी विधानसभा आम निर्वाचन-2025 की तैयारियों के बीच हाल ही में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र प्राप्त हुए हैं। इन पत्रों में यह आग्रह किया गया है कि लगभग 89 लाख मतदाताओं जिनमें नवादा जिले के 11953 मतदाता शामिल हैं, के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं।
निर्वाचन आयोग के नियमों और निर्देशों के अनुसार मतदाता सूची से किसी भी नाम को हटाने की प्रक्रिया अत्यंत विधिसम्मत और स्पष्ट है। इस संबंध में निम्नलिखित प्रावधान लागू होते हैं :-
- निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 की नियम 13 के तहत केवल निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म-7) के माध्यम से ही नाम विलोपन की प्रक्रिया की जा सकती है।
- बूथ लेवल एजेंट्स द्वारा राजनीतिक दलों की ओर से प्रस्तुत किए गए आवेदन तभी स्वीकार्य होंगे जब उन्हें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अनुरूप अधिकृत घोषणा पत्र के साथ प्रस्तुत किया जाए।
अब तक कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्षों द्वारा जो आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं, वे निर्धारित प्रपत्र में नहीं हैं। इसलिए जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा इन आपत्तियों पर कोई सीधा निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इसके बजाय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को विधि सम्मत कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है।
लगभग 89 लाख मतदाताओं जिनमें नवादा जिले के 11953 मतदाता शामिल हैं, के नाम हटाने का यह प्रस्ताव एक बहुत बड़ी संख्या है। ऐसे में इस प्रक्रिया की शुरुआत से पूर्व निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष तथा निर्वाचन नियमावली 1960 के नियम 20(3)(इ) के अंतर्गत अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करने के बाद, विधिसम्मत शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत ही, करीब 89 लाख मतदाताओं,जिनमें नवादा जिले के 11953 मतदाता शामिल हैं, के नाम विलोपन पर निर्णय लिया जाएगा।
निर्वाचन विभाग यह पुनः स्पष्ट करता है कि मतदाता सूची से नाम काटने अथवा जोड़ने की प्रक्रिया केवल और केवल निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों एवं विधिक प्रावधानों के अनुसार ही की जाएगी। किसी भी राजनीतिक दल अथवा संगठन के पत्र या अनुरोध के आधार पर नाम काटने की कार्रवाई नहीं की जा सकती।
इस प्रकार, बिहार के लगभग 89 लाख मतदाताओं की सूची,जिनमें नवादा जिले के 11953 मतदाता शामिल हैं, में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल विधिसम्मत, पारदर्शी और नियमसम्मत प्रक्रिया अपनाने के बाद ही किया जाएगा।
मसौदा (वास्तविक) मतदाता सूची के विश्लेषण के बाद, कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान की गई है जिन पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है :-
- डुप्लिकेट मतदाता :- एक ही निर्वाचन क्षेत्र में कई पंजीकरण समान नाम, रिश्तेदारों के नाम और उम्र के साथ पाए गए हैं, जिससे मतदाताओं की संख्या कृत्रिम रूप से बढ़ जाती है और धोखाधड़ीपूर्ण मतदान संभव हो जाता है।
- डुप्लिकेट ईपीआईसी आईडी (EPIC IDs) :- समान निर्वाचन फोटो पहचान पत्र (EPIC) नंबर अलग-अलग व्यक्तियों को आवंटित किए गए हैं, जिससे मतदाता पहचान की सत्यता प्रभावित होती है। इसे अविलंब सुधारना आवश्यक है।
- अमान्य मकान संख्या :- कई मतदाताओं की मकान संख्या खाली, ‘0’ या अन्य अमान्य संख्या के रूप में दर्ज है, जो हेरफेर की संभावना पैदा कर सकती है।
- थोक मतदाता पंजीकरण :- बहुत बड़ी संख्या में घरों को 20 या उससे अधिक मतदाताओं के साथ पंजीकृत किया गया है, जो अपर्याप्त सत्यापन को दर्शाता है और संगठित कदाचार की आशंका उत्पन्न करता है।
- असामान्य रूप से अधिक विलोपन वाले बूथ :- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास के दौरान कई निर्वाचन क्षेत्रों में कई मतदान केंद्रों से 100 से अधिक मतदाताओं को हटा दिया गया है। यह असामान्य रूप से अधिक है, क्योंकि एक सामान्य मतदान केंद्र पर लगभग 1000 मतदाता होते हैं।
आज की बैठक में अपर समाहर्त्ता डॉ. अनिल कुमार तिवारी, अनुमंडल पदाधिकारी नवादा सदर श्री अमित अनुराग, भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता श्री गौरव शंकर, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री महेश कुमार पासवान, अवर निर्वाचन पदाधिकारी मो0 अबु हैदर हैदरी, सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

