
जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (DCDC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास योजनाओं, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से सेवाओं की उपलब्धता, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की स्थापना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, महिला समूहों के प्रशिक्षण एवं सशक्तिकरण, किसान उत्पादक संगठन (FPO) की सक्रियता, एनसीडी पोर्टल अद्यतन, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की गतिविधियाँ, गोदाम निर्माण एवं WDRA पंजीकरण की स्थिति, राज्य फसल सहायता योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि ऋण एवं पुनर्भुगतान, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था, न्यायालयीन वाद, अनुदान राशि व्यय, मॉडल पैक्स तथा लघु सिंचाई योजनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) से शत-प्रतिशत चावल आपूर्ति नहीं होने की संभावना है, उनकी पूरी जानकारी संबंधित थाना को उपलब्ध कराई जाए। इसके अंतर्गत पैक्स अध्यक्ष/प्रबंधक का नाम एवं मोबाइल नंबर तथा संबंधित प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से उस क्षेत्र के थाना को समर्पित करना सुनिश्चित किया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने कहा कि चावल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी संबंधित पदाधिकारियों को समय पर तथा पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया गया।इसके साथ ही बैठक में जानकारी दी गयी कि सरकारी धान के गबन के मामले में प्रखंड अकबरपुर के बुधुआ पैक्स एवं रोह प्रखंड के कोशीरुखी पैक्स पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने किसान उत्पादक संगठन (FPO) की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को सामूहिक रूप से बीज व खाद की खरीद, तकनीकी सहायता, उपज का प्रसंस्करण एवं विपणन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आय एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जा सके। इस संदर्भ में उन्होंने FPO का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़े अन्न भंडारण के लिए चयनित प्रखंड के पैक्स में भूमि उपलब्ध कराने हेतु संबंधित अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित किया जाए और इसकी प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) को सशक्त बनाने पर भी विशेष चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सभी पैक्स प्रतिनिधि खाद के लिए आवेदन सुनिश्चित करें और किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के माध्यम से किसानों को न केवल खाद उपलब्ध कराया जाएगा, बल्कि कृषि से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी प्राप्त होंगी। इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए उसका प्रतिवेदन तैयार कर शीघ्र जिला पदाधिकारी को समर्पित करें।आज की बैठक में प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी नवादा, प्रबंध निदेशक नवादा सेंटर कॉपरेटिव बैंक, संयुक्त निबंधक, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम के साथ-साथ अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

