
बोधगया :थाई नव वर्ष के अवसर पर बोधगया स्थित Royal Thai Monastery Bodh Gaya में भव्य आयोजन की शुरुआत हुई.यह पारंपरिक जल महोत्सव 13 से 15 अप्रैल तक मनाया जाता है, जिसमें खुशी, शांति और नई शुरुआत का संदेश पुरे संसार दिया जाता है.सोंगक्रान को बुराइयों को धोकर नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इस लोग महोत्सव में एक-दूसरे पर पानी डालकर जश्न मनाते हैं, जिसे पानी की होली भी कहा जाता है. इसके साथ ही यह महोत्सव पारिवारिक मिलन, बुजुर्गों के सम्मान और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर होता है. इस महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है.बोधगया के रॉयल थाई मंदिर में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में 7 देशों के बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान मंदिर के इंचार्ज वीरयुद्ध ने बताया कि बोधगया में हर वर्ष इस पर्व को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है, उन्होंने कहा कि थाईलैंड में आज से नए साल की शुरुआत होती है और लोग पानी की होली खेलकर इसे सोंगक्रान के रूप में मनाते हैं.

