
रूस में पुतिन से अजीत डोभाल ने मुलाकात की है. यहां पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति के बीच बातचीत हुई है. दूसरी ओर पीएम मोदी चीन भी जाने वाले हैं.30 अगस्त को वह जापान में भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और उसके बाद सीधे चीन के तियानजिन शहर जाएंगे, जहां 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में भाग लेंगे. अमेरिका सुपरपावर होने के नाते वर्ल्ड ऑर्डर तय करता है. वह अपने इशारों पर दुनिया को नचाना चाहता है. मगर अमेरिका एक बात भूल गया. भारत अब पहले वाला भारत नहीं रहा. आज का भारत नया भारत है, जो किसी के पीछे नहीं चलता, अपनी राह खुद बनाता है.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दालूला दा सिल्वा के साथ फोन पर हुई पीएम मोदी की बातचीत- ये तीन घटनाएं ऐसे समय पर सामने आई हैं जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कड़े आर्थिक हमले किए हैं. ट्रंप की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ के जवाब में भारत ने कूटनीतिक स्तर पर अपने कदम तेज कर दिए हैं, जो न सिर्फ एक सख्त संदेश है.अगर भारत टैरिफ पर अमेरिका के सामने नहीं झुकता है तो खुद डोनाल्ड ट्रंप को अपने कदम पीछे खींचने पड़ सकते हैं. कारण कि कई अमेरिकी एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत पर 50 फीसदी टैरिफ से अमेरिका को भी काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है. दूसरी बड़ी वजह है कि अमेरिका टैरिफ लगाकर भारत को एक मौका दे रहा है.

