मुजफ्फरपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, लापता मां और तीन मासूम बच्चों के शव नदी में मिले

मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा पुल के समीप गुरुवार को बूढ़ी गंडक नदी में एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों के शव उतराते हुए पाए गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।चार दिनों से लापता था पूरा परिवार-मृतका की पहचान अहियापुर निवासी और ऑटो चालक कृष्ण मोहन की पत्नी ममता देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, ममता पिछले चार दिनों से अपने तीनों बच्चों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता थी। पति कृष्ण मोहन ने बताया कि वह काम पर गया था, और जब वापस लौटा तो पत्नी और बच्चे घर पर नहीं थे। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका सुराग नहीं मिला, तो थक-हारकर पति ने अहियापुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पुलिस से बरामदगी की गुहार लगाई थी।

नदी में तैरते मिले शव, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल-गुरुवार की सुबह जब स्थानीय लोगों ने चंदवारा पुल के पास नदी में शवों को देखा, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शवों को बाहर निकाला, तो उनकी पहचान लापता ममता और उसके तीनों बच्चों के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दृश्य इतना हृदयविदारक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। परिजनों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, घर में कोहराम मच गया।परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, पुलिस पर उठाए सवाल.पीड़ित पति और परिजनों ने इस मामले में अपहरण के बाद हत्या की गंभीर आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि ममता बिना बताए घर से निकली थी और अपने साथ कोई जरूरी सामान भी नहीं ले गई थी, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि अगर पुलिस ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद सक्रियता दिखाई होती और तकनीकी जांच की होती, तो शायद आज चारों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है।

जांच में जुटी पुलिस और FSL की टीम-घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश मिश्रा ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल का मुआयना किया गया है और साक्ष्य जुटाने के लिए FSL (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को भी बुलाया गया है।एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने ने कहा, “चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत डूबने से हुई है या उनकी हत्या कर शव को नदी में फेंका गया है। पुलिस हर संभावित बिंदु पर गहराई से जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

Next Post

डॉ प्रेम कुमार एवं नरेन्द्र नारायण यादव नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में शामिल हुए

Fri Jan 16 , 2026
Share on Facebook Tweet it Email बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार एवं माननीय उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र नारायण यादव आज संसद भवन, नई दिल्ली में आयोजित ‘राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन’ के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत के […]

आपकी पसंदीदा ख़बरें