
बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने 19 मई को कृषि भवन, पटना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की ऊर्जा आवश्यकताओं और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए निदेश दिया कि कृषि भवन परिसर की सभी छतों पर सौर ऊर्जा आधारित सोलर पैनल शीघ्र स्थापित किए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने निदेश दिया कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए, ताकि राज्य सरकार की हरित ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारा जा सके।माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के द्वारा भी ये निदेश दिया गया कि माननीय मुख्यमंत्री जी की इस परिकल्पना को जल्द से जल्द पूरा किया जाये।
सचिव, कृषि संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निदेश के आलोक में कृषि विभाग ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए कृषि भवन परिसर के सभी छतों पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस कार्य का निष्पादन बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (ब्रेडा) द्वारा किया जा रहा है। ब्रेडा ने यह आश्वासन दिया है कि सोलर पैनल स्थापना का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा।
सचिव ने बताया कि जल्द से जल्द सभी जिला कृषि कार्यालयों एवं सभी प्रखण्ड कृषि कार्यालयों के छतों पर भी सोलर पैनल लगाने का कार्य पूर्ण किया जायेगा। सोलर पैनल की स्थापना तीव्र गति से की जा रही है। यह न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल ऊर्जा संरक्षण नीति के तहत राज्य सरकार की दूरदर्शिता का प्रतीक है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि सोलर पैनल के स्थापित हो जाने के बाद कृषि भवन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे न केवल बिजली व्यय में कमी आएगी, बल्कि दीर्घकालिक रूप में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी यह प्रयास कारगर सिद्ध होगा। सौर ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक है। “हरित बिहार” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह एक प्रभावी कदम है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

