
जमुई : लगातार 23 दिन तक 3 दरिंदों द्वारा दुष्कर्म और प्रताड़ना से अलीगंज गांव की सीधी साधी पीड़िता अब जाकर मिला न्याय .इधर घर वाले मां-बाप भी नाते रिश्तेदारों में खोज कर निराश हो चुके थे उन्होंने तो मुकदमा भी नहीं किया. यानि दोनों ओर से चारों तरफ निराशा के बाद कोई सुराग नहीं होने की स्थिति में 15 साल की पीड़िता को अभी कटिहार और बार्डर के इलाके में बिकना बाकी था.हारकर उसने अपने साथ दुष्कर्म करने वाले प्रताड़ित करने वाले दरिंदों से ही गुहार लगा दी. उसके ही फोन से अपनी मां को फोन लगवा दी. इतने दिन से पीड़िता के साथ अत्याचार करने वाला सद्दाम खुद ही अपने फोन से पीडिता की मां को फोन लगा देता है
और बस यही एक फोन सुराग बनकर इस बच्ची के जीवन को बचाने में अहम कडी बन गया.फोन करते वक्त भी मोहम्मद सद्दाम का मनोबल इतना ऊंचा था कि उसने नाबालिग की मां से कहा कि अपनी बेटी को मत खोजो वह मेरे पास है.अपराधी कितना भी शातिर हो वह कोई ना कोई सुराग छोड़ देता है और पुलिस यदि सतर्क हो तो सुराग से अपराध का उद्वेदन कर सकती है, लेकिन इस मुकदमे में जो भी बातें सामने आई है उससे यह साफ है कि तीनों दरिंदे कटिहार के रहने वाले थे जो कटिहार से दो ढाई सौ किलोमीटर दूर जमुई के पिछड़े अलीगंज इलाके में सीधी साधी अनजान नाबालिग लड़की को बाजार जाते वक्त नशा सुंधाकर अपहरण करते हैं यानी कोई गिरोह जमुई के आसपास से आपके बच्चे को अपहरण कर ले जाने के लिए घूम रहा है जिससे सतर्क रहना बहुत जरूरी है.

