
बिहारशरीफ का मॉडल अस्पताल का एक अमानवीय चेहरा सामने आया है ,जहां पोस्टमार्टम के बाद परिवार वाले शव को ठेले से घर लेकर अपने घर गए.हद तो यह है कि इस दौरान न तो गार्ड की नजर पड़ी न ही तैनात शव वाहन के कर्मियों की. डीएस डॉ कुमकुम प्रसाद ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं. परिवार वालों ने बताया कि थवई मोहल्ला निवासी मो सदरुल होदा के 19 वर्षीय पुत्र अरशद की मौत रविवार की देर शाम सड़क हादसे में हो गया था. परिवार वाले पावापुरी मेडिकल कॉलेज से शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लेकर आए थे . पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद परिवार के लोगों ने एंबुलेंस की मांग की मगर किसी ने उसकी सहायता नहीं किया.
तब मजबूरन शव को ठेले से लेकर गए . सदर अस्पताल के कर्मियों का यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी परिवार वाले शव को ठेले या कंधे पर घर गए हैं.डीएस ने स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही को अमानवीय बताते हुए कहा कि अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को सम्मान देना हमारा मुख्य पेशा है .सरकार ने हमें उनकी सेवा के लिए ही रखा है. यदि परिवार वालों ने शव वाहन की मांग की और उन्हें वाहन किस परिस्थिति में मुहैया नहीं कराया गया पूरे मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

