
जनक राम ने कहा कि तेजस्वी यादव को अपराध पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने उसी अपराध में जन्म लिया है. लालू यादव के राज में ही बिहार में जी. कृष्णैया जैसे आईएएस अफसर को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया. बीबी विश्वास, चंपा विश्वास, यूएन विश्वास जैसे अधिकारियों के परिवारों पर महीने भर अत्याचार हुए , क्या तेजस्वी यादव कभी इनपर बोले?” नही . जनक राम ने सवाल उठाया कि तेजस्वी यादव उस समय कहां थे जब उनके पिता लालू यादव आईएएस अफसरों की फरियादों को ‘छोटी-मोटी घटना’ कहकर टाल दिया करते थे.
उन्होंने कहा कि लालू यादव के शासन में मैंने खुद देखा है कि कैसे जिले के बेटे होने के बावजूद अधिकारियों के साथ अत्याचार हुआ. अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था . क्या वह अपराध नहीं था?. सिर्फ तेजस्वी ही नहीं, पप्पू यादव भी मंत्री जनक राम के निशाने पर रहे. मंत्री ने कहा कि “पप्पू यादव को तो बोलने का कोई अधिकार ही नहीं है,जिन पर खुद हत्या, भ्रष्टाचार और अपराध के गंभीर आरोप लगे हों, वे आज अपराध पर नैतिकता की बात कर रहे हैं? पप्पू यादव जेल से बाहर निकले हैं और अब बिहार की जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. उनकी मंशा को जनता समझती है.बिहार में एनडीए की सरकार ने कानून का राज स्थापित किया है. करोड़ों लोगों की आस्था हमारे सुशासन में है। जनता अब आपके झूठे प्रचार में नहीं .

