लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान से बिहार में सियासी घमासान

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासत तेज है। एक तरफ विपक्ष इसे लोकतंत्र और मताधिकार पर हमला बता रहा है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे मतदाता सूची को शुद्ध करने की संवैधानिक प्रक्रिया बता रही है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि बीजेपी लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने के लिए जनजागरण अभियान चला रही है।पटना में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बिहार की धरती को लोकतंत्र की प्रेरणादायी भूमि बताया। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में आंदोलन भी बिहार से ही शुरू हुआ था।SIR को लेकर विपक्ष के सवालों पर भूपेंद्र यादव ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत चुनाव आयोग को मतदाता सूची की जांच और पुनरीक्षण का अधिकार है।उन्होंने दावा किया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान करीब 22 लाख मृत मतदाताओं, 36 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों और सात लाख दोहरे नामों की पहचान की गई। वहीं, 21 लाख से अधिक नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया।भूपेंद्र यादव ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध बनाना और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होने देना ही इस प्रक्रिया का उद्देश्य है।

केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी दलों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में SIR के दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए थे। उनके मुताबिक, करीब एक लाख 60 हजार बूथ लेवल एजेंटों को ड्राफ्ट मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई थी।भूपेंद्र यादव ने दावा किया कि इतनी बड़ी संख्या में एजेंट होने के बावजूद केवल दो आपत्तियां दर्ज कराई गईं। उन्होंने इसे विपक्ष के आरोपों और वास्तविकता के बीच अंतर बताते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर सवाल उठाने वाले दलों को तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।महाराष्ट्र के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां मतदाताओं की संख्या बढ़ी, वहां भी विपक्षी दलों को जीत मिली। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव में हार का कारण मतदाता सूची नहीं, बल्कि जनता से कमजोर होता संपर्क है।भूपेंद्र यादव ने कहा कि बीजेपी का लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान लोगों को जागरूक करने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर फैले भ्रम को दूर करने के लिए है।उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी का उद्देश्य हर पात्र मतदाता को मतदान का अधिकार दिलाना और एक व्यक्ति, एक वोट के सिद्धांत को ईमानदारी से लागू करना है।बिहार में SIR को लेकर जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच केंद्रीय मंत्री के इस बयान ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और विपक्ष की भूमिका को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।

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