
पटना में जल्द ही राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद का क्षेत्रीय कार्यालय खुलने जा रहा है। यह निर्णय नई दिल्ली के कृषि भवन में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया है। माना जा रहा है कि इस क्षेत्रीय कार्यालय से राज्य में मछली पालन और डेयरी विकास को नई गति मिलेगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पटना में जब तक इस क्षेत्रीय कार्यालय के लिए भवन चिह्नित नहीं हो जाता है तब तक मीठापुर स्थित मत्स्य भवन से इसका संचालन किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, पीएम मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना और मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के सुचारू संचालन पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक का उद्देश्य बिहार में मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र के समग्र विकास की समीक्षा करना तथा केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना था।
बैठक में बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने भाग लिया और राज्य में इन क्षेत्रों में हो रही प्रगति का विवरण साझा किया।
केंद्र-राज्य तालमेल से बढ़ेगा डेयरी और फिशरीज सेक्टर
इस बैठक के बाद विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने राज्य में मछली पालन और डेयरी विकास के लिए भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया है। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लेखी, संयुक्त सचिव सागर मेहरा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार, अपर सचिव वर्षा जोशी, संयुक्त सचिव राम शंकर सिन्हा तथा एनएफडीबी के मुख्य कार्यकारी डॉ. विजय कुमार बेहरा से मुलाकात की है।
राज्य में डेयरी और पशुपालन के क्षेत्र में जारी परियोजनाओं की प्रगति, मत्स्य पालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण, आगामी योजनाओं में गुणोत्तर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने जैसे प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई।
केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बिहार में नीली क्रांति और श्वेत क्रांति को एक नई ऊंचाई मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

