
बेतिया -बिहार में आचार संहिता लगने के बाद नेताओं के दल बदलने का सिलसिलाजारी है.सिकटा से दो बार विधायक रह चुके और नीतीश कैबिनेट में गन्ना विकास मंत्री और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रहे चुके जद यू नेता खुर्शीद आलम इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ेगें.2020 का विधान सभा चुनाव वो चुनाव हार गए थे .इसलिए इस बार वो निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने वाले हैं. कभी सीएम नीतीश कुमार के करीबी रहे चुके खुर्शीद आलम अब नीतीश कुमार के शासन में हो रहे भ्रष्टाचार को अपना चुनावी मुद्दा बना रहे हैं .जमीन सर्वे और दाखिल_खारिज में हो रहे भ्रष्टाचार और नीतीश कुमार की प्रशासनिक पकड़ कमजोर हो जाने को अपना चुनावी मुद्दा बना रहे हैं.उन्होंने कहा कि जनता से बड़ी कोई पार्टी नहीं होती है.उन्होंने भाजपा पर मुख्यमंत्री नीतीश को गुमराह करने का भी बड़ा आरोप भी लगाया.

