
जिला प्रशासन, नवादा द्वारा संचालित साइबर सुरक्षा जागरूकता श्रृंखला के दूसरे दिन आम नागरिकों को UPI भुगतान (पेमेंट) से संबंधित साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूक एवं सतर्क रहने की अपील की जाती है।
साइबर अपराधी इन दिनों UPI के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अपराधी किसी सामान की डिलीवरी, ऑनलाइन खरीद-बिक्री, रिफंड, कैशबैक अथवा पुरस्कार मिलने का झांसा देकर लोगों को UPI पर पैसे प्राप्त करने (Receive Money) के नाम पर पेमेंट रिक्वेस्ट भेजते हैं। कई बार लोग इसे पैसे मिलने की प्रक्रिया समझकर अपना UPI PIN दर्ज कर देते हैं, जिससे उनके बैंक खाते से पैसे की निकासी हो जाती है।
कैसे करें बचाव?
- UPI पर पैसे भेजने (Send Money) और पैसे प्राप्त करने (Receive Money) की प्रक्रिया के बीच अंतर समझें।
- किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई पेमेंट रिक्वेस्ट को बिना जांचे स्वीकार न करें।
- पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है।
- किसी के कहने पर अपना UPI PIN, OTP अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
- रिफंड, कैशबैक या पुरस्कार के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक एवं QR कोड से सावधान रहें।
- केवल विश्वसनीय एवं आधिकारिक ऐप और माध्यमों से ही डिजिटल भुगतान करें।
साइबर ठगी होने पर क्या करें?
यदि आप UPI अथवा किसी अन्य माध्यम से साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

