राज्य के किसानों को गन्ना मूल्य का 91 फीसदी हुआ भुगतान

पेराई सत्र समाप्त होने के पूर्व ही चीनी मिल संचालकों ने किसानों से खरीदे गए गन्ना मूल्य का 91 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया है। शेष बकाये राशि का शीघ्र भुगतान करने की आदेश गन्ना उद्योग विभाग ने मिल संचालकों को दिया है।
गन्ना उद्योग विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 शुरू होने के साथ ही राज्य में चीनी मिलों ने गन्ने की खरीद शुरू कर दिया, जिसमें राज्य के किसानों से करीब 2 हजार 110 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से लगभग 5 करोड़ 67 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की गई। इसके एवज में चीनी मिल संचालकों ने 12 मार्च 26 तक करीब 1 हजार 918 करोड़ 23 लाख रुपए का भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया है। बताया जाता है कि गन्ना की ख़रीदारी शुरू होने के बाद हरिनगर चीनी मिल ने सबसे अधिक गन्ना की खरीद की है।

जबकि दूसरे स्थान पर नरकटियागंज चीनी मिल और तीसरे स्थान पर बगहा चीनी मिल है। विभागीय आकड़ो के अनुसार हरिनगर चीनी मिल 127.80 लाख क्विंटल, बगहा 81.08 लाख क्विंटल, नरकटियागंज 99.78 लाख क्विंटल, मझौलिया 53.79 लाख क्विंटल, हसनपुर 44.95 लाख क्विंटल, सिधवलिया 44.51 लाख क्विंटल, गोपालगंज 33.82 लाख क्विंटल, लौरिया 32.47 लाख क्विंटल, सुगौली 27.98 लाख क्विंटल, रीगा चीनी मिल ने 17.48 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। इसके अलावा प्रतापपुर चीनी मिल ने सीवान जिले के किसानों से 3.58 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है। इसके एवज में चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का 91 फीसदी से अधिक राशि भुगतान कर दिया है।इस संबंध में ईखायुक्त ने बताया कि सभी मिलों को आदेश दिया गया है कि गन्ना किसानों का जो बकाया राशि है उसे शीघ्र भुगतान किया जाए।

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